पश्चिम एशिया संघर्ष से भारत के चिकित्सा पर्यटन उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव

पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था

संदर्भ

  • भारत की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं ने विगत कुछ दशकों में विश्वभर से रोगियों को आकर्षित किया है, किंतु पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न यात्रा व्यवधान नई चुनौतियाँ उत्पन्न कर रहे हैं।

चिकित्सा पर्यटन क्या है?

  • चिकित्सा पर्यटन का आशय उस प्रथा से है जिसमें लोग उपचार, चिकित्सीय प्रक्रियाओं अथवा स्वास्थ्य-संबंधी सेवाओं के लिए किसी अन्य देश या क्षेत्र की यात्रा करते हैं।
  • कारण:
    • लोग उन देशों में चिकित्सा सेवाएँ प्राप्त करना चाहते हैं जहाँ उपचार की गुणवत्ता उच्च होती है, किंतु लागत उनके अपने देश की तुलना में काफी कम होती है।
    • स्थानीय स्तर पर उपलब्ध न होने वाली विशेष चिकित्सा सेवाओं या लंबी प्रतीक्षा अवधि वाले उपचारों के लिए यात्रा करना।

भारत में चिकित्सा पर्यटन

  • भारत का चिकित्सा पर्यटन उद्योग लगभग 9 अरब डॉलर मूल्य का है। देश हृदय रोग, अस्थि रोग, कैंसर उपचार और अंग प्रत्यारोपण जैसी उन्नत चिकित्सा सेवाओं हेतु विश्वभर से रोगियों को आकर्षित करता है।
  • वर्ष 2023 में भारत में चिकित्सा पर्यटन में लगभग 33% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
  • दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर चिकित्सा पर्यटन के प्रमुख गंतव्य हैं, जहाँ शीर्ष स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
  • मेडिकल टूरिज़्म एसोसिएशन द्वारा जारी मेडिकल टूरिज़्म इंडेक्स (MTI) 2020-21 में भारत को विश्व के 46 गंतव्यों में 10वाँ स्थान प्राप्त हुआ।

भारत में चिकित्सा पर्यटन की वृद्धि के कारक

  • लागत प्रभावी उपचार: भारत में चिकित्सा प्रक्रियाएँ अमेरिका या यूरोप जैसे देशों की तुलना में बहुत कम लागत पर उपलब्ध हैं।
  • उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ: भारत में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त अस्पताल और कुशल चिकित्सक उपस्थित हैं।
  • उन्नत चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता: भारतीय अस्पताल अत्याधुनिक तकनीक और नवीनतम उपचारों से सुसज्जित हैं, विशेषकर हृदय रोग, कैंसर एवं अस्थि रोग के क्षेत्र में।
भारत में चिकित्सा पर्यटन की वृद्धि के कारक
  • कम प्रतीक्षा अवधि: चिकित्सा पर्यटक समय पर उपचार प्राप्त कर सकते हैं, जिससे पश्चिमी देशों में प्रचलित लंबी प्रतीक्षा अवधि से बचा जा सकता है।
  • सरकारी समर्थन और नीतियाँ: भारत सरकार ने चिकित्सा वीज़ा सुविधा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार जैसी नीतियाँ लागू की हैं।

भारत के लिए महत्व

  • आर्थिक वृद्धि: अंतर्राष्ट्रीय रोगियों से प्राप्त राजस्व स्वास्थ्य क्षेत्र और आतिथ्य, परिवहन जैसे संबंधित उद्योगों को सशक्त करता है।
  • स्वास्थ्य अवसंरचना में सुधार: चिकित्सा पर्यटकों की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं में निवेश करते हैं, जिससे स्थानीय रोगियों को भी लाभ मिलता है।
  • भारत की वैश्विक छवि का संवर्धन: यह भारत की प्रतिष्ठा को एक वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में बढ़ाता है और विदेशी निवेश व साझेदारियों को आकर्षित करता है।
  • प्रौद्योगिकी उन्नति: उन्नत उपचारों और अंतर्राष्ट्रीय मानकों की माँग नवाचार एवं नई तकनीकों को अपनाने को प्रेरित करती है।
  • कौशल विकास: चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी अंतर्राष्ट्रीय मानकों एवं विविध रोगी आवश्यकताओं के अनुभव से अधिक दक्ष बनते हैं।
  • राजनयिक संबंध: विभिन्न देशों से आने वाले रोगी भारत की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव करते हैं, जिससे आपसी समझ और सद्भावना बढ़ती है तथा राजनयिक संबंध सुदृढ़ होते हैं।

चुनौतियाँ

  • मलेशिया, थाईलैंड और सिंगापुर से कठोर प्रतिस्पर्धा।
  • अधिकांश चिकित्सा सेवाएँ बीमा के अंतर्गत नहीं आतीं, जिससे मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (MVT) कम आकर्षक बनता है।
  • MVT सुविधा प्रदाता सुव्यवस्थित और मान्यता प्राप्त नहीं हैं; कई अपेशेवर एजेंट यात्रियों का शोषण करते हैं।
  • नियमन का अभाव: MVT क्षेत्र के लिए व्यापक नियम नहीं हैं, जिससे यह असंगठित रहता है और सेवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी नहीं हो पाती।
  • प्रचार का अभाव: व्यक्तिगत अस्पताल अपने स्तर पर प्रचार करते हैं, किंतु भारत को MVT ब्रांड के रूप में स्थापित करने हेतु कोई प्रभावी अभियान नहीं है।
  • मान्यता: भारत में NABH (अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड) की सुदृढ़ मान्यता प्रणाली है, किंतु विदेशी देशों में इसकी जागरूकता कम है। अंतर्राष्ट्रीय रोगी JCI (संयुक्त आयोग अंतर्राष्ट्रीय) मान्यता को अधिक महत्व देते हैं।

आगे की राह

  • भारत के लिए अवसर:
    • वृद्ध होती जनसंख्या वाले देशों से माँग: वृद्ध जनसंख्या वाले देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की माँग में वृद्धि होगी।
    • विकसित देशों में लंबी प्रतीक्षा अवधि: अनेक विकसित देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति अपर्याप्त है, जिसके परिणामस्वरूप रोगियों को लंबी प्रतीक्षा अवधि का सामना करना पड़ता है।
  • भारत ने AYUSH में भारी निवेश किया है और यह चिकित्सा पर्यटकों को उपचार एवं स्वास्थ्य संवर्धन हेतु आकर्षित करने की विशिष्ट स्थिति में है।
  • भारत को MVT गंतव्य के रूप में स्थापित करने हेतु सरकार से अधिक नियमन, सुविधा और विपणन समर्थन की आवश्यकता है।

स्रोत: TH

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS2/ राजव्यवस्था और शासन संदर्भ वित्त पर संसदीय स्थायी समिति की एक रिपोर्ट ने योजना मंत्रालय और नीति आयोग की आलोचना की है कि उन्होंने निधियों का अपर्याप्त उपयोग किया तथा वित्तीय प्रबंधन में कमी दिखाई। वित्त वर्ष 2024 और 2025 में व्यय 36% से भी कम रहा। संसदीय स्थायी समितियाँ क्या हैं? संसदीय...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था और शासन संदर्भ हाल ही में लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की माँग को लेकर विरोध रैलियाँ आयोजित की गईं। पृष्ठभूमि 2019 में अनुच्छेद 370 को संसद द्वारा निरस्त किए जाने के बाद लद्दाख को बिना विधायी सभा के एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ पर्यावरण संदर्भ केंद्रीय बजट 2026 में घोषित ₹20,000 करोड़ के कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम ने व्यापक परिचर्चा को शुरू किया कि यह आवंटन औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन (CCUS) हेतु है या सतत कृषि के माध्यम से किसानों द्वारा कार्बन क्रेडिट उत्पन्न करने के लिए। कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम के बारे में केंद्रीय बजट 2026-27 के अंतर्गत केंद्र...
Read More

पाठ्यक्रम: GS1/समाज संदर्भ केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने सभी राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियों (SARAs) को दत्तक प्रक्रिया के अनुपालन को सुदृढ़ करने हेतु तीन महत्त्वपूर्ण कार्यालय ज्ञापन जारी किए हैं। CARA के निर्देश उद्देश्य: दत्तक प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और बाल संरक्षण को सुदृढ़ करना। प्रथम ज्ञापन:  कोई भी अनाथ या परित्यक्त बालक विधिक...
Read More

गजपति अभिलेख, गुंटूर पाठ्यक्रम: GS1 / मध्यकालीन भारत संदर्भ गजपति वंश से संबंधित एक मध्यकालीन अभिलेख आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में खोजा गया है। प्रमुख निष्कर्ष यह अभिलेख मंदिर मंडप के एक पत्थर के स्तंभ पर उत्कीर्ण है। इसमें कुमारगुरु महापात्र का उल्लेख है, जो 15वीं शताब्दी ईस्वी में पुरुषोत्तम...
Read More
scroll to top